गणित कक्षा 6: अध्याय 2


ऑनलाइन क्विज और MCQs

परीक्षा की तैयारी के लिए हमने इस अध्याय पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) को क्विज़ के रूप में तैयार किया है। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके आप इसे हल कर सकते हैं:

गणित कक्षा 6 के अध्याय 2 में प्राकृत संख्या, पूर्ण संख्या, पूर्ण संख्याओं को संख्या रेखा पर दर्शाना, पूर्ण संख्याओं के गुण - संवृत गुण, क्रमविनिमेय गुण साहचर्य गुण आदि टोपिक्स पर आधारित परीक्षापयोगी बहुविकल्पीय प्रश्नों को शामिल करके क्विज / ऑनलाइन टेस्ट तैयार किया गया है।

  • अपना कुल स्कोर जानने के लिए सबसे अंतिम प्रश्न के नीचे एक बटन दिया है , उसे दबाएं।
  • कोई ऋणात्मक मार्किंग नहीं है।


2536

1. 1 मिलियन की परवर्ती संख्या है -

2529

2. किसी शून्येतर पूर्ण संख्या व उसकी परवर्ती संख्या का गुणनफल सदैव होता है ---

2534

3. निम्न कथनों में कौन-सा सत्य नहीं है ?

2531

4. निम्न में कौन-सा कथन सत्य नहीं है ---

2527

5. 38 तथा 68 के बीच पूर्ण संख्याओं की संख्या है

2530

6. एक पूर्ण संख्या 25 में जोड़ी जाती है तथा वही संख्या फिर 25 से घटाई जाती है। इस प्रकार प्राप्त दोनों संख्याओं का योग होगा

2511

7. किसी शून्येत्तर पूर्ण संख्या और उसकी परवर्ती का गुणनफल सदैव विभाज्य होता है।

2535

8. 1 लाख की पूर्ववर्ती संख्या है -

2510

9. निम्न में से कौन-सा परिभाषित नहीं है?

2528

10. 999 की पूर्ववर्ती तथा परवर्ती संख्याओं का गुणनफल सदैव होता है -

2533

11. निम्न में कौन-सा कथन सत्य नहीं है ---

अध्याय 2 का संक्षिप्त पुनरावलोकन

कक्षा 6 गणित का अध्याय 2 पूर्ण संख्याएँ और उनके गुण विद्यार्थियों को गणितीय संख्याओं के बुनियादी पहलुओं को समझने में मदद करता है। इस अध्याय में मुख्य रूप से निम्नलिखित टॉपिक्स शामिल हैं:

1. प्राकृत संख्या (Natural Numbers)

प्राकृत संख्याएँ वे हैं जो गिनती के लिए उपयोग की जाती हैं। उदाहरण: 1, 2, 3, 4...

2. पूर्ण संख्या (Whole Numbers)

पूर्ण संख्याएँ वे हैं जो शून्य सहित सभी प्राकृत संख्याएँ होती हैं। उदाहरण: 0, 1, 2, 3...

3. संख्या रेखा पर पूर्ण संख्याएँ

संख्या रेखा का उपयोग पूर्ण संख्याओं को दिखाने के लिए किया जाता है। शून्य से शुरू होकर, पूर्ण संख्याएँ दाएँ ओर बढ़ती हैं।

संख्या रेखा पर पूर्ण संख्याएँ

4. पूर्ण संख्याओं के गुण

  • संवृत गुण (Closure Property): दो पूर्ण संख्याओं को जोड़ने या गुणा करने पर परिणाम भी पूर्ण संख्या होती है।
  • क्रमविनिमेय गुण (Commutative Property): जोड़ने या गुणा करने में संख्याओं के क्रम को बदलने पर परिणाम समान रहता है।
  • साहचर्य गुण (Associative Property): जोड़ने या गुणा करने में समूह बनाने का तरीका बदलने से परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ता।

5. पूर्ण संख्याओं के प्रयोग

पूर्ण संख्याएँ गणना, मापन और विभाजन की समस्याओं को हल करने में उपयोगी होती हैं।

अध्याय के महत्व

यह अध्याय विद्यार्थियों को गणित की नींव को मजबूत करने में मदद करता है। पूर्ण संख्याओं और उनके गुणों की समझ प्रतियोगी परीक्षाओं और वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने में उपयोगी होती है।