भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन (संक्षेप), रासायनिक समीकरण, रासायनिक अभिक्रियाः संयुग्मन विस्थापन, अपघटनीय, मंद एवं तीव्र उत्क्रमणीय- अनुत्क्रमणीय अभिक्रियाएँ, ऑक्सीकरण - अपचयन: उदासीनीकरण तथा उत्प्रेरक।
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1. निम्नलिखित में से कौन-सा एक भौतिक परिवर्तन नहीं है?
2378
2. \[2Mg+O_2\longrightarrow 2MgO\] इस अभिक्रिया में मैग्नीशियम धातु हो रहा है-
2364
3. निम्नलिखित में से कौन-सा ( कौन-से ) ऊष्माशोषी प्रक्रम है (हैं)? (i) सल्फ्यूरिक अम्ल का तनुकरण (ii) शुष्क बर्फ का ऊर्ध्वपातन (iii) जलवाष्प का संघनन (iv) जल का वाष्पीकरण
2373
4. एक पदार्थ दो छोटे सरल अणुओं में टूटता है तो अभिक्रिया होगी-
2367
5. प्रयोगशाला में ऑक्सीजन गैस बनाने के लिए निम्नलिखित अभिक्रिया प्रयुक्त की जाती है \[2{KClO}_3(g){{\stackrel{ऊष्मा,\ \ \ उत्प्रेरक\ }{\longrightarrow}}}\ 2KCl(s)+3O_2\ (g)\] निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अभिक्रिया के संदर्भ में सही है?
2379
6. उत्क्रमणीय अभिक्रियाओं के लिए किस चिह्न का प्रयोग किया जाता है-
2351
7. निम्नलिखित अभिक्रिया एक उदाहरण है \[4NH_3\left(g\right)+5O_2\left(g\right)\to 4NO\left(g\right)+6H_2O\left(g\right)\] (i) प्रतिस्थापन अभिक्रिया का (ii) संयोजन अभिक्रिया का (iii) उपचयन - अपचयन (रेडॉक्स) अभिक्रिया का (iv) उदासीनीकरण अभिक्रिया का
2380
8. वह अभिक्रिया जो बनने वाले उत्पाद से ही उत्प्रेरित हो जाती है कहलाती है-
2366
9. तेल के नमूने को लंबे समय तक ताजा बनाए रखने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी गैस प्रयुक्त की जाती है?
2363
10. जल का विद्युत अपघटन एक अपघटन अभिक्रिया है। जल के विद्युत अपघटन में मुक्त हुई हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन गैस का मोलर अनुपात है
2377
11. एन्जाइम होते है-
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12. ठोस कैल्सियम ऑक्साइड जल के साथ तीव्रता से अभिक्रिया कर कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड बनाता है तथा साथ में ऊष्मा उत्पन्न होती है इस प्रक्रिया को चूने का बुझाना कहते हैं। कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड जल में घुलकर इसका विलयन बनाता है, जिसे चूने का पानी कहते हैं। निम्नलिखित में से कौन-से कथन चूने के बुझाने तथा इसके विलयन बनने के लिए सत्य हैं? (i) यह एक ऊष्माशोषी अभिक्रिया है (ii) यह एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है। (iii) परिणामी विलयन की pH सात से अधिक होगी। (iv) परिणामी विलयन की pH सात से कम होगी।
2368
13. निम्नलिखित में से कौन-से प्रक्रम में रासायनिक अभिक्रियाएँ होती हैं?
2358
14. सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में सिल्वर क्लोराइड के उद्भासन पर वह स्लेटी क्यों हो जाता है? (i) सिल्वर क्लोराइड के अपघटन पर सिल्वर बनने से (ii) सिल्वर क्लोराइड के ऊर्ध्वपातन से (iii) सिल्वर क्लोराइड के क्लोरीन गैस में विघटन से (iv) सिल्वर क्लोराइड के ऑक्सीकरण से
2353
15. निम्नलिखित में से कौन-से प्रक्रम ऊष्माक्षेपी हैं? (i) बिना बुझे चुने के साथ जल की अभिक्रिया (ii) एक अम्ल का तनुकरण (iii) जल का वाष्पीकरण (iv) कपूर (क्रिस्टलों) का ऊर्ध्वपातन
महत्वपूर्ण तथ्य :
1. भौतिक परिवर्तन: पदार्थो के भौतिक गुणों में परिवर्तन भौतिक परिवर्तन कहलाते हैं। ये अस्थाई होते हैं। 2. रासायनिक परिवर्तन: पदार्थों के संघटन व रासायनिक गुणों में परिवर्तन रासायनिक परिवर्तन कहलाते है। ये स्थाई होते है। 3. रासायनिक समीकरण : रासायनिक अभिक्रियाओं को रासायनिक समीकरण के रूप में लिखा जाता है। संतुलित रासायनिक समीकरण रासायनिक अभिक्रिया के बारे में संक्षिप्त जानकारी देता है। 4. संयुग्मन अभिक्रिया: संयुग्मन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक पदार्थ आपस में संयोग करके एक ही उत्पाद बनाते है। 5. विस्थापन अभिक्रिया: एक अभिकारक के परमाणु या परमाणु समूह का दूसरे अभिकारक के परमाणु या परमाणु समूह से विस्थापित हो जाना विस्थापन अभिक्रिया कहलाता है। 6. अपघटनीय अभिक्रिया: पदार्थ दो या दो से अधिक सरल अणुओं में अपघटित होता है तो ऐसी अभिक्रियाओं को अपघटनीय अभिक्रिया कहते है। 7. उदासीनीकरण अभिक्रिया: अम्ल व क्षार की अभिक्रिया को उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते है। 8. ऑक्सीकरण: वे अभिक्रियाएँ जिनमें ऑक्सीजन या विद्युत ऋणी तत्व का संयोग होता है अथवा हाइड्रोजन या विद्युतघनी तत्व का निष्कासन होता है, ऑक्सीकरण कहलाती है। 9. अपचयन : वे अभिक्रियाएँ जिनमें हाइड्रोजन या विद्युत धनी तत्व का संयोग होता है अथवा ऑक्सीजन या ऋणविद्युती तत्व का निष्कासन होता है, अपचयन कहलाती है। 10. अपचयन: इलेक्ट्रॉन त्यागना ऑक्सीकरण तथा इलेक्ट्रॉन ग्रहण करना अपचयन कहलाता है। 11. अनुत्क्रमणीय अभिक्रियाए: ऐसी अभिक्रियाएँ जो केवल एक ही दिशा में होती है अनुत्क्रमणीय अभिक्रियाए कहलाती है । 12. उत्क्रमणीय अभिक्रिया: ऐसी अभिक्रियाएँ जो दोनो दिशाओं अर्थात् अभिकारक से उत्पाद व पुन: उत्पाद से अभिकारक का निर्माण, में होती है उत्क्रमणीय अभिक्रिया कहलाती है। 13. उत्प्रेरक: वे पदार्थ जो रासायनिक अभिक्रिया में स्वयं अपरिवर्तित रहकर अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करते है, उत्प्रेरक कहलाते है।