9th class Mathematics Quiz

अध्याय 5 यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय

अयाय 5 ध्गणित कक्षा 9 की इस क्विज में जिन टोपिक्स पर प्रश्न दिए गए हैं, वे हैं - बिंदु, रेखा, तल या पृष्ठ, अभिगृहीत, अभिधारणा और प्रमेय, एलीमेंट्स, प्राचीन भारत में अग्निकुंड या वेदियों के आकार, यूक्लिड की पाँचवीं अभिधारणा के समतुल्य रूपांतरण, अभिगृहीतों के एक निकाय की संगतता।

  • टेस्ट में कुल प्रश्न =10
  • अपना कुल स्कोर जानने के लिए सबसे अंतिम प्रश्न के नीचे एक बटन दिया है , उसे दबाएं।
  • कोई ऋणात्मक मार्किंग नहीं है।


Class 9 Maths Online Quiz : संख्या पद्दति

2717

Q. 1. पाइथागोरस एक विद्यार्थी था:

2715

Q. 2. यूक्लिड निम्नलिखित देश का वासी था:

2720

Q. 3. 'रेखाएँ समांतर होती हैं, यदि वे प्रतिच्छेद नहीं करती' का कथन, निम्नलिखित के रूप में दिया गया है

2701

Q. 4. एक पृष्ठ की विमाओं की संख्या है:

2711

Q. 5. प्राचीन भारत में, घरेलू पूजा कार्य में प्रयोग की जाने वाली वेदियों के आकार होते थे:

2709

Q. 6. एक पिरामिड के पार्श्व फलक होते हैं:

2705

Q. 7. ठोसों की परिसीमाएँ हैं:

2708

Q. 8. पिरामिड एक ठोस आकृति है जिसका आधार होता है:

2704

Q. 9. एलीमेंट्स में साध्यों की कुल संख्या है:

2695

Q. 10. वे वस्तुएँ, जो एक ही वस्तु की दोगुनी हों, होती हैं



यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय

यूक्लिड के अभिगृहीत
1. वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु के बराबर हों, परस्पर बराबर होती हैं।
2. यदि बराबरों को बराबरों में जोड़ा जाए, तो पूर्ण भी बराबर होते हैं।
3. यदि बराबरों को बराबरों में से घटाया जाए, तो शेषफल भी बराबर होते हैं।
4. वे वस्तुएँ जो परस्पर संपाती हों, परस्पर बराबर होती हैं।
5. पूर्ण अपने भाग से बड़ा होता है।
6. वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु की दोगुनी हों, परस्पर बराबर होती हैं।
7. वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु की आधी हों, परस्पर बराबर होती हैं।

यूक्लिड की अभिधारणाएँ यूक्लिड की निम्नलिखित 5 अभिधारणाएँ हैं-
1. एक बिंदु से एक अन्य बिंदु तक एक सरल रेखा खींची जा सकती है।
2. एक सांत रेखा (रेखाखंड) को अनिश्चित रूप से विस्तृत किया जा सकता है।
3. किसी केंद्र और किसी त्रिज्या को लेकर एक वृत्त खींचा जा सकता है।
4. सभी समकोण एक दूसरे के बराबर होते हैं।
5. यदि एक सीधी रेखा दो सीधी रेखाओं पर गिरकर अपने एक ही ओर दो अंतःकोण इस प्रकार बनाए कि इन दोनों कोणों का योग मिलकर दो समकोणों से कम हो, तो वे दोनों सीधी रेखाएँ अनिश्चित रूप से बढ़ाने पर उसी ओर मिलती हैं जिस ओर यह योग दो समकोणों से कम होता है।